LCM का हिंदी में पूर्ण रूप "घातों का सर्वनिकट समापवर्तक" होता है।

दो या दो से अधिक पूर्णांकों का LCM उन सभी पूर्णांकों का सबसे छोटा संभावित नृत्यात्मक गुणक होता है जो किसी भी पूर्णांक से बिना शेष छोड़े बिना बाकी रह जाता है।

उदाहरण के लिए, 4 और 6 का LCM 12 होता है, क्योंकि 12 दोनों 4 और 6 के सबसे छोटे गुणक होता है।

LCM गणित में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है और इसे अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है, जैसे बीजगणित, संख्या सिद्धांत और ज्यामिति। इसे अंशों, अनुपातों और समानुपातों से संबंधित समस्याओं के हल में भी उपयोग किया जाता है।